भाजपा को करना पड़ा बालीवुड अभिनेत्री के क्रोध का सामना


लोकसभा चुनाव के लिए देश भर में हाई वोल्टेज प्रचार और रैलियां की जा रही है। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर को लागू करने की घोषणा के बाद से विवादों के घेरे में है।पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में एक चुनाव प्रचार अभियान में हाल ही में बुद्ध, हिंदू और सिख को छोड़कर देश से हर एक घुसपैठियों को हटाने के लिए पूरे देश में एनआरसी अभ्यास लागू करने की घोषणा की थी।भाजपा ने अपने एक ट्वीट में कहा था कि हम पूरे देश में एनआरसी के कार्यान्वयन को सुनिश्चित करेंगे। हम बुद्ध, हिंदुओं और सिखों को छोड़कर देश के हर एक घुसपैठियों को हटा देंगे।इस ट्वीट के बाद कई बॉलीवुड हस्तियों ने माइक्रो-ब्लॉगिंग साइट पर भाजपा के खिलाफ भारी प्रतिक्रिया देनी शुरू कर दी है।बीजेपी के ट्वीट पर प्रतिक्रिया देते हुए, बॉलीवुड स्टार गौहर खान ने ट्वीट किया, यह स्पष्ट रूप से उनके एजेंडे को बताता है !!! क्यों मुसलमान भारत के नागरिक नहीं हैं? पारसी भारतीय नहीं हैं? ईसाई भारतीय नहीं हैं? मैं इस बात से हैरान हूं कि आप कितने स्पष्ट रूप से विभाजनकारी हैं, लेकिन हमें अपने देश के लोगों में विश्वास है! हिंदू मुस्लिम सिख इसाई है! #भाई भाई।वहीं दूसरी ओर अपनी गंभीरता के लिए जानी जाने वाली अभिनेत्री स्वरा भास्कर, जो भाजपा के आलोचकों में से एक हैं, ने भी ट्विटर पर पार्टी पर तीखा हमला किया। ट्वीट करते हुए उन्होंने लिखा बीमार। खतरनाक। विभाजनकारी। घृणा पैदा करने वाली। असंवैधानिक। और एक ऐड की जरूरत है .. बस सादा गलत! गैंग्स ऑफ वासेपुर की अदाकारा ऋचा चड्डा भी अपनी प्रतिक्रिया देने में पीछे नहीं हटीं। उन्होंने ट्वीट करके लिखा, एएएएंड डील ब्रेकर ! हमारे लिए नौकरियों, आर्थिक विकास, पर्यावरण के मुद्दों, मुद्रास्फीति, भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा के बारे में बात करें। इस अजीब, प्रागैतिहासिक, अनैतिक, प्रतिगामी, ज़ेनोफोबिक बयानबाजी से बचें। क्या हुआ सबका साथ, सबका विकास का।ज्ञात हो कि केरल क्रिश्चियन फोरम ने शाह से एनआरसी पर अपने बयान के बाद माफी मांगने को कहा है। अपने बयान को राष्ट्र की पहचान और अखंडता पर सीधा हमला करार देते हुए, ईसाई समुदाय ने कहा कि भाजपा अध्यक्ष को देश के अल्पसंख्यक समुदायों से विशेष रूप से माफी मांगनी चाहिए।

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निखिल तनेजा व डाॅ. डोला दास ने विद्यार्थियों के साथ की अतरंग बातचीत


मुंबई स्थित लेखक, निर्माता, कहानीकार, शिक्षक, वक्ता औ मानसिक स्वास्थ्य अधिवक्ता निखिल तनेजा तथा अमरीका के आहियो स्थित क्लीवलैंड क्लिनिक फाउंडेशन के शोध वैज्ञानिक डाॅ. डोला दास ने राॅयल ग्लोबल यूनिवर्सिटी के विद्यार्थियों से अतरंग वातार्लाप की। इस दौरान निखिल तनेजा ने विद्यार्थियों के साथ योर स्टोरी मैटर्स पर बातचीत की।वह वर्तमान में युवा के सीईओ हैं, जिसे उन्होंने फिल्म निर्माताओं आनंद तिवारी और अमृतपाल बिंद्रा के साथ मिलकर स्थापित किया है, जो युवाओं को सशक्त बनाने के साथ उनका मनोरंजन करेगी। इसकी लाॅन्चिंग इस वर्ष की शुरूआत में हुई थी। युवा एक ऐसी कहानी है, जो मंच पर युवाओं को अपनी कहानियों को व्यक्त करने और दूसरों को सुनने के प्रति सशक्त बनाती है। देश के तीस शहरों के करीब सौ काॅलेजों के युवाओं से वार्तालाप कर बनाई गई युवा योर स्टोरी मैटर्स को प्रस्तुत करती है। यह एक प्रेरणादायक और भावनात्मक सत्र रहा, जिसमें बताया गया कि क्यों हर व्यक्ति की कहानी सभी की कहानियां हैं और क्यों हर कोई, चाहे उन्होंने कुछ भी हासिल किया हो, महत्वपूर्ण हैं।निखिल तनेजा ने बताया कि यह कहानियां और सहानभूति की भावना है, जो हमें इंसान बनाती हैं और हर व्यक्ति उनकी सभी कहानियों का कुल योग है।

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सतीश कौशिक के 5 थिएटर जलाकर किए ख़ाक, किसी तरह बची जान!


अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर में भड़की हिंसा में फ़िल्ममेकर और एक्टर सतीश कौशिक के 5 थिएटर जला दिये गये हैं। घटना के वक़्त सतीश ईटानगर में ही थे। बता दें कि सतीश वहां से सुरक्षित निकलने में कामयाब रहे। अरुणाचल प्रदेश में बाहरी राज्यों से आये लोगों को स्थायी निवास प्रमाण पत्र देने की सिफ़ारिश का विरोध किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने बंद का आह्वान किया था। हड़ताल के दौरान हिंसा भड़क गयी थी। सतीश कौशिक वहां पिक्चर टाइम द्वारा संचालित पहले ईटानगर इंटरनेशनल फ़िल्म फ़ेस्टिवल में भाग लेने गये हुए थे। ज्ञात हो कि सतीश इस थिएटर चेन से बतौर प्रमोटर जुड़े हुए हैं। सतीश ने ट्वीट करके हिंसा की जानकारी दी। उन्होंने आगजनी का एक फोटो शेयर करते हुए लिखा, मेरे होटल पहुंचने के बाद पिछली रात ईटानगर जल रहा था। फ़िल्म फ़ेस्टिवल बंद हो गया है और हम लोग अब तक होटल में बंद हैं। हमारे 5 थिएटर जला दिये गये हैं। भारी नुक़सान हुआ है। अब बॉर्डन सील कर दिया गया है। हमें सुरक्षित रखने के लिए अरुणाचल प्रदेश सरकार का शुक्रिया। समाचार एजेंसियों से बात करते हुए सतीश कौशिक ने बताया कि वो पिक्चर टाइम नाम के पांच थिएटर्स से प्रमोटर के तौर पर जुड़े हैं जिसके सिलसिले में वो शुक्रवार को ईटानगर पहुंचे। शाम को फंक्शन में जाने के लिए वो तैयार हो रहे थे, तभी आयोजकों ने रुकने की सूचना दी। विरोध प्रदर्शन के कारण आयोजन नहीं हो सका। सतीश ने बताया कि एक आईएस अधिकारी की मदद से हमने बॉर्डर पार किया। उन्होंने 10-12 वाहन और लोगों को हमारी मदद के लिए भेजा था। बता दें कि ईटानगर में 20-24 फरवरी तक फ़िल्म फ़ेस्टिवल का आयोजन किया गया था।

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सैनिक बनना चाहते थे डैनी, लेकिन बन गए बॉलीवुड के खलनायक


बॉलीवुड में डैनी को एक ऐसे बहुआयामी कलाकार के रूप में जाना जाता है जिन्होंने नायक, सह नायक, खलनायक और चरित्र कलाकार के रूप में दर्शकों को अपना दीवाना बनाया है। पच्चीस फरवरी 1948 को जन्मे डैनी बचपन में सेना में काम करना चाहते थे। उन्होंने पश्चिम बंगाल से सर्वश्रेष्ठ कैडेट का पुरस्कार जीता और गणतंत्र दिवस के मौके पर परेड में भाग भी लिया। उनका बाद में देश के प्रतिष्ठित आर्म फोर्सेज मेडिकल कॉलेज, पुणे में उनका चयन हो गया लेकिन उनका मन चिकित्सक बनने की बजाय किसी अभिनेता बनने की ओर हो गया और उन्होंने पुणे फिल्म इंस्टीट्यूट में अभिनय के प्रशिक्षण के लिये दाखिला ले लिया। अभिनय का प्रशिक्षण लेने के बाद डैनी ने अपने सिने कैरियर की शुरूआत नेपाली फिल्म सलिनो से की जो टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई। इस बीच उन्होंने नेपाली फिल्मों के लिए पाश्र्वगायन भी किया। सत्तर के दशक में अभिनेता बनने का सपना लिये डैनी मुंबई आ गये। अपने वजूद को तलाशते वह लगभग तीन वर्ष तक संघर्ष करते रहें। इस बीच उन्होंने राखी और हथकड़ी, मिलाप, जरूरत, नया नशा, नई दुनिया नये लोग, चालाक और खून-खून जैसी कई बी ग्रेड फिल्मों में काम किया लेकिन ये सभी फिल्में टिकट खिड़की पर असफल साबित हुईं। इस बीच उन्हें गुलजार की सुपरहिट फिल्म मेरे अपने में छोटी भूमिका निभाने का अवसर मिला।वर्ष 1973 में प्रदर्शित फिल्म धुंध बतौर अभिनेता डैनी के सिने कैरियर की महत्वपूर्ण फिल्म साबित हुयी। इस फिल्म में उन्होंने एक ऐसे दबंग अपाहिज व्यक्ति का किरदार निभाया, जो अपनी पत्नी पर जुल्म करता है और उसे शक की नजर से देखता है। ठाकुर रंजीत ङ्क्षसह के किरदार को सधे हुये अंदाज के साथ पेश कर वह दर्शकों का दिल जीतने में सफल रहे। फिल्म धुंध की सफलता के बाद डैनी को बतौर खलनायक अच्छी फिल्मों के प्रस्ताव मिलने शुरू हो गये।इन फिल्मों में खोटे सिक्के, 36 घंटे, काला सोना, लैला मजनू, कालीचरण और फकीरा जैसी बड़े बजट की फिल्में शामिल थीं। इन फिल्मों में अपने दमदार अभिनय से डैनी ने दर्शकों का दिल जीत लिया और फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाने में कामयाब हो गये। इस बीच डैनी को जे.पी.सिप्पी की फिल्म शोले में गब्बर सिंह की भूमिका निभाने का प्रस्ताव मिला लेकिन डैनी उन दिनों फिल्म धर्मात्मा की शूटिंग में व्यस्त थे और समय नहीं रहने के कारण उन्होंने फिल्म में काम करने से इन्कार कर दिया। वर्ष 1990 डैनी को मुकुल एस. आनंद की फिल्म अग्निपथ में काम करने का मौका मिला। इस फिल्म में उनके अभिनय के नये आयाम देखने को मिले। फिल्म में उन्हें महानायक अमिताभ बच्चन के साथ काम करने का मौका मिला। इसमें उन्होंने कांचा चीना नाम के अंडर वल्र्ड डॉन की भूमिका निभायी। इस फिल्म में अभिनय की दुनिया के इन दोनों महारथियों का टकराव देखने लायक था। यह फिल्म टिकट खिड़की पर सुपरहिट साबित हुई। नब्बे के दशक में डैनी ने अपने अभिनय को एकरूपता से बचाने और स्वयं को चरित्र अभिनेता के रूप में स्थापित करने के लिये अपनी भूमिकाओं में परिवर्तन भी किया। इस क्रम में वर्ष 1991 में प्रदर्शित सावन कुमार की सुपरहिट फिल्म सनम वेवफा में उन्होंने सलमान खान के पिता की रोबदार भूमिका निभायी। सनम बेवफा में डैनी का सामना सदी के खलनायक प्राण से हुआ लेकिन डैनी अपने सशक्त अभिनय से प्राण को कड़ी टक्कर देने में सफल रहे। दमदार अभिनय के लिये डैनी अपने सिने कैरियर में पहली बार सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से भी सम्मानित किये गये। वर्ष 1992 में डैनी के सिने कैरियर की एक और महत्वपूर्ण फिल्म खुदा गवाह प्रदर्शित हुयी। मुकुल आंनद निर्देशित इस फिल्म में उन्होंने अमिताभ बच्चन के मित्र खुदाबख्श की भूमिका निभायी और अपने दमदार अभिनय के लिये सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता के फिल्म फेयर पुरस्कार से दोबारा सम्मानित किये गये। लगभग चालीस साल लंबे फिल्मी कैरियर में खलनायक,नायक और चरित्र अभिनेता के रूप में अपनी अनूठी अभिनय शैली से दर्शकों का मनोरंजन करने वाले डैनी को घोड़ों और घुड़सवारी करने का भी शौक है। इसके अलावा वह लेखन, चित्रकला और मूर्तिकला में भी विशेष रूचि रखते है। डैनी ने कई नेपाली फिल्मों में गाने भी गाये है। उनको वर्ष 2003 में पद्मश्री से अलंकृत किया गया। डैनी आज भी जोशो- खरोश के साथ फिल्म इंडस्ट्री में सक्रिय हैं।

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रोंगीन: रैप से उग्रवाद को तमाचा


जोया अख्तर की फिल्म गली बॉय के हिप-हॉप को लेकर युवाओं के बीच क्रेज देखा जा रहा है। साथ लोगों में रैप को लेकर उत्सुकता भी बनी हुई है। उसी उत्सुकता को बनाए रखने के बाद अब अगली रैप फिल्म असम से आ रही है। उग्रवाद पर आधारित फिल्म का निर्देशन शंकर बरुआ कर रहे हैं। बता दें कि फिल्म एक रैप कलाकार के बारे में है। फिल्म रोंगीन एक ड्रामा फिल्म है। असम के सबसे लोकप्रिय रैपर्स में से एक कुसुम कैलाश और यूट्यूब सेनसेशन की ये फिल्म मार्च 2019 में रिलीज हो रही है।बरुआ ने बताया कि फिल्म 1990 बेस्ड है। जब असम में उग्रवाद चरम पर था या यूं कहें कि उग्रवाद का युग चल रहा था। यह न्याय की मांग करने वाले एक अन्यायी व्यक्ति की सरल कहानी है। बता दें कि फिल्म का ट्रेलर 20 जनवरी, 2019 को यूट्यूब पर जारी किया गया था। बरुआ ने कहा कि कहानी अनिवार्य रूप से एक डेविड बनाम गोलियत की कहानी है, जहां एक विनम्र पृष्ठभूमि का एक साधारण व्यक्ति अपने परिवार पर एक पुराने दुश्मनी का बदला लेने के प्रयास में रहता है।बता दें कि रणवीर सिंह और आलिया भट्ट की गली बॉय बॉक्स ऑफिस पर राज कर रही है। गली बॉय मुंबई में एक बस्ती में रहने वाले लड़के की कहानी है। ये फिल्म रणवीर सिंह द्वारा निभाए गए एक 22 साल के लड़के मुराद की फिल्म है। मुराद एक ड्राइवर का बेटा, जिसके माता-पिता ने उसे शिक्षित करने के लिए कड़ी मेहनत की ताकि वह एक अच्छी इज्जतदार नौकरी कर सके। इस बीच मुराद को एहसास होता है कि वह रैपर है।

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अब शाहिद कपूर बनेंगे बॉक्सर, निभाएंगे हिंदुस्तान के इस खतरनाक मुक्केबाज का रोल, देखें वीडियो


बॉलिवुड ऐक्टर शाहिद कपूर के फैंस उनकी फिल्म का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। अपनी आगामी फिल्म में शाहिद एक बॉक्सर की भूमिका में दिखेंगे। खास बात यह है कि ऐक्टिंग के साथ ही शाहिद इस फिल्म को प्रड्यूस भी कर रहे हैं। एक रिपोर्ट के अनुसार, शाहिद इस फिल्म को राजा कृष्ण मेनन के साथ को-प्रड्यूस कर रहे हैं। यह फिल्म मणिपुर के रहने वाले बॉक्सिंग स्टार डिंको सिंह की लाइफ पर बनने वाली है। एयरलिफ्ट और शेफ जैसी फिल्में बना चुके डायरेक्टर राजा कृष्ण मेनन ही इस फिल्म को डायरेक्ट कर रहे हैं। करीबी सूत्रों के मानें, तो डिंको सिंह की कहानी के अधिकार शाहिद के पास हैं और इस फिल्म को डायरेक्ट करने का जिम्मा राजा कृष्ण मेनन को मिला है। फिल्म की शूटिंग इसी साल जनवरी में शुरू होनी थी। कहानी बार-बार लिखे जाने के कारण देरी हो गई। अभी स्क्रिप्टिंग पर काम हो चल रहा है। साल के अंत तक फिल्म को रिलीज किए जाने की योजना है। सूत्र ने बताया, ‘अब दोनों साथ आ गए हैं। फिल्म की शूटिंग दिल्ली के अलावा मणिपुर में होगी। वहीं एक अंतरराष्ट्रीय शेड्यूल की योजना भी बनाई जा रही है।’ सूत्र ने यह भी बताया कि यह लिखने के लिहाज से एक मुश्किल स्क्रिप्ट है, इसलिए ज्यादा समय लग रहा है, लेकिन इस साल फिल्म फ्लोर पर होगी। राजा अपने राइटर्स के साथ मिलकर कहानी पर रिसर्च कर रहे हैं। शाहिद ने डिंको सिंह की लाइफ को समझने के लिए पिछले साल उनसे साथ कुछ समय बिताया था। डिंको सिंह भारत के सबसे अच्छे बॉक्सर्स में से एक हैं।मणिपुर के रहने वाले डिंको सिंह ने केवल 19 साल की उम्र में एशियन गेम्स में बॉक्सिंग में गोल्ड जीता था। साल 2013 में उन्हें पद्मश्री अवॉर्ड से भी नवाजा गया था। अभी डिंको 100 से भी ज्यादा युवा बॉक्सर्स को कोचिंग दे रहे हैं। साल 2017 में डिंको को कैंसर भी हो गया था और अपने इलाज के लिए फंड जुटाने में उन्हें काफी परेशानी हुई थी। इलाज के दौरान डिंको की 13 राउंड की कीमोथैरिपी करानी पड़ी थी। डिंको की कैंसर की बीमारी के बारे में जब गौतम गंभीर को पता चला था तो उन्होंने इलाज के लिए उनकी आर्थिक सहायता की थी। इसके बाद 13 डॉक्टर भी उनके इलाज के लिए सामने आए थे। गोल्ड मेडल जीत सफलता का परचम लहराने वाले डिंको किसी जमाने में माओवादी बनने जा रहे थे।

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