
सिंगिंग सेंसेशन जुबिन गर्ग ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जानवरों के बलि देने की परंपरा का विरोध करते हुए एक विवादास्पद बयान दिया है। उनके इस पोस्ट पर कई लोगों ने विरोध जताया है। उन्होंने फेसबुक पर पोस्ट में कहा, मैं जानवरों के बलि देने की परंपरा का विरोध करता हूं। मैं सभी धर्मों का सम्मान करता हूं, लेकिन मैंने देखा है मंदिरों में जानवरों की बलि दी जाती है। मंदिर को खून नहीं चाहिए। इसे सिर्फ भक्ति चाहिए। इस सोच को वास्ताविकता में लाना चाहिए। यह 21वीं सदी है। मैं यह देखना चाहता हूं अगर वे एक गाय कि बलि दे, एक भैस और एक गाय दोनों हमे दूध देते हैं। दोनों का इस्तेमाल खेती में किया जाता है। लेकिन ये कथित पुराेहित प्रसाद में भैसे को खाना पसंद करते हैं। अगर उनमें हिम्मत है तो एक गाय को मेरे सामने मारकर मेरे सामने खाएं... मुझे अपनी धरती से प्यार है। जुबिन ने हाल ही में कामाख्या मंदिर में पशु बलि को समाप्त करने का आह्वान किया था। मंदिर के पास एक समारोह में प्रदर्शन करते हुए, उन्होंने पशु बलि पर अपनी पीड़ा व्यक्त की और कहा कि बलि की प्रथा समाप्त होनी चाहिए। वहीं, पशु बलि को रोकने पर उनके बयान के बाद ब्राह्मण समाज ने जुबिन की आलोचना की और उन्हें अपने काम से मतलब रखने की चेतावनी दी।उन्होंने अपने पोस्ट के साथ अपनी एक तस्वीर भी शेयर की, जिसमें वे एक बगुला के साथ नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपने दूसरे पोस्ट में लिखा, मैंने एक बगुले को बचाया है। इसके साथ उन्होंने बगुले के साथ अपनी फोटो भी शेयर की। गौरतलब है कि जुबिन गर्ग जानवरों की बलि के खिलाफ आवाज उठाने के लिए पशुओं के साथ नैतिक व्यवहार की पक्षधर संस्था पेटा द्वारा पेटा पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। पेटा इंडिया का हीरो टू एनिमल अवॉर्ड अभिनेत्री रानी मुखर्जी, शिल्पा शेट्टी, जरीन खान, असिन और हास्य अभिनेता साइरस ब्रोचा को मिल चुका है।
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